Monday, July 4, 2022

BiBi Pak Daman ka mojiza



 जहां कुछ लोग जियारत गाहो को ग़लत बताते हैं। वहीं ये जियारत गाह अकीदतमंदों से भरी रहती है। ऐसी ही जियारत गाह की कहानी सुनाने जा रहे जो बीबी पाक दामन के नाम से प्रसिद्ध है।
 

क्या है घटना

           ये 681ई के ज़माने लगभग 62हि के मध्य का।  इस पृकार बयान किया गया है कि कदीम लाहौर के करीब जंगल के एक टीले पर कुछ परदेसी औरतों और मर्दों का आगमन होता है।उस जमाने में हिन्दू राजा महाबरन की हुकूमत थी। बस्ती में एक बड़ा मंदिर था ।इस मंदिर के आगे आग भी जलती थी।
  एक दिन अचानक से मंदिर की मूर्तियां गिर गई और आग भी बुझ गई। ये सब बातें पुरोहित के सामने हुई थी। जब ये बात राजा को मालूम हुई तो उसने ज्योतिषो को बुलाया। ज्योतिष भी इस बात का मतलब नहीं बता पाए।इसी दौरान राजा को ये खबर मिली जंगल के करीब  टीले पर कुछ परदेसी मर्दों और औरतों का आगमन हुआ है।
राजा ने अपने सैनिकों को इनको लाने को कहा।

कितने लोग थे।
 
इस टीले पर कुल 11लोग थे । जिनमें 7औरते 4आदमी थे। सिपाहियों को आते देख औरतों ने अपने चेहरे पर नकाब डाल ली ।और आदमियों ने अपनी तलवारे निकाल ली।
सिपाही इनके चेहरों की जलालत देखकर डर गये। उनमें से दो सिपाही दौड़ कर राजकुमार बिकृमासहाय को बुला लाये ।
राजकुमार ने आकर राजा का पैगाम सुनाया और साथ चलने को कहा।उन औरतों में से बुजुर्ग महिला ने जवाब दिया।हम खुदाए वाहिद के बंदे और पैगंबरे अरब की औलाद में से है। हमारे सरदार को जो रसूल का नवासा थाकर्बला में शहीद कर दिया गयाहम क़ैद से छूटकर मदीना पहुंचे मगर वहां भी हमें रहने न दिया गया मजबूरन हमें परदेस आना पड़ा । हमारी तरफ से तुम को कोई परेशानी नहीं होगी।मगर फिर भी तुम पसंद नहीं करते तो हम यहां से कहीं और चले जाते हैं"
   
वह खातून संस्कृत भाषा में बात कर रही थी।
राजकुमार हैरतजदा होकर सुन रहा था।

अपना और अपने साथ आए लोगों का परिचय दिया।
खातून ने बताया मैं मुस्लिम शहीद की बेवा रुकय्या बिन्ते अली हूं।

 अलम्बरदार लश्करे कर्बला अबुल फ़ज़लिल अब्बास की बहन।
        दूसरी पांच औरतों केबारे में बताया कि ये
अकील इब्ने अबितालिब की बेटियां हैं।
और 6वी  खातून के बारे में बताया ये हलीमा है। कहने को तो कनीज हैं मगर रुतबे में हमारे बराबर ।फिर मर्दों के नाम बताए, अबुल फतह, अबुल फ़ज़ल, अबुल मकारिम, अब्दुल्ला ये हमारे कबीले से है और हमारी सुरक्षा केलिए हमारे साथ आए हैं। 
राजकुमार इनकी बातों से बहुत पृभावित हुआ और नमृ भाषा में बोला। राजा के आदेश का पालन तो करना पड़ेगा। आपको दरबार चलना पड़ेगा। ये सुनकर खातून क्रोधित हो ग ई।
और गुस्से से राजकुमार की ओर देखा। राजकुमार सर से पांव तक कांपने लगा और बेहोश हो गया।
सिपाहियों ने ये देखकर चारों ओर से घेर लिया। 
इतने में खातून ने दुआ के लिए हाथ उठाया और आसमान की ओर देखा। फिजा में हलचल मच गई।और जमीन  उसी जगह पर फटी और बीबिया ऺऺ । और उनके रक्षक उसमें समा गये। 
सिपाहीय्् बहुत आश्चर्यचकित हुए और राजा को होश में लाकर सब किस्सा बयान किया।

राजकुमार बहुत पृभावित हुआ।
राजकुमार पर इन सब बातों का इतना असर हुआ  कि वही मुजाविर बनकर बैठ गया।
फिर ख्याल में बीबी से सवाल किए ।बीबी की आवाज ने इसे सबकुछ सिखाया।
और ये राजकुमार पाक बीबियो के मजार का पहला मुजाविर बना। राजकुमार के साथ बाकी सिपाही भी इस्लाम के दायरे में आ गये। 
इन सब ने  इसी जगह पर चबूतरा बना लिया। और यही बैठकर इबादत करने लगे। 
बीबी की आवाज इनकी हादी (hidayat dene wala /wali ) थी।
इस पृकार से ये मोजिजा दूर दूर तक मशहूर हो गया ।और इस जगह से लोगो को शिफा मिलने लगी। 
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Saturday, June 25, 2022

Bharat ki pehli masjid ki peeche ki story

 भारत ॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆॆके ऐतिहासिक धरोहरों के पीछे कुछ न कुछ इतिहास, कहानी, सच , जुड़। हुआ है। लेकिन सभी   लेखकारो में मतभेद है।
इस लेख में हम  उस मस्जिद  के बारे में उल्लेख करेंगे जो कि भारत के राजा चेरामन पेरूमल के द्वारा बनाई गई। जो चेरामन जुमा मस्जिद के नाम से प्रसिद्ध है।

  जो ६२९ ई् में हजरत मोहम्मद साहब स. के ज़माने में बनी।

क्या है कहानी आगे। जानते हैं

इसकी कहानी भी बड़ी रोचक है।
एक बार राजा चेरामन अपने कक्ष में थे कि उन्होंने चांद के दो टुकड़े होते देखा । इस घटना को उन्होंने अरब वासियों से जो व्यापार को लेकर भारत आते थे बयान किया।तब उन लोगो ने कुरान और हजरत मोहम्मद साहब के बारे में बताया । राजा बहुत पृभावित हुआ और पैगंबर से मिलने के लिए मदीना गया वहा लौटते समय उसने वहां के पृतिनिधी को खत लिखकर अपने मित्र मलिक बिन दीनार को भेजा।और उन्हीं की कयादत में मस्जिद बनवाई गई। ये मस्जिद केरलराज्य के मेथला गांव में स्थित है।
ये मस्जिद देखने में मंदिर जैसी पृतीत होती है।
इसको देखने मुस्लिम के साथ साथ हिन्दू भी आते हैं। कहते हैं कि इसके अंदर काला संगमरमर है जो कि मदीना से लाया गया है।पुर्ननिमित मस्जिद।

BiBi Pak Daman ka mojiza

 जहां कुछ लोग जियारत गाहो को ग़लत बताते हैं। वहीं ये जियारत गाह अकीदतमंदों से भरी रहती है। ऐसी ही जियारत गाह की कहानी सुनाने जा ...